उन्नाव जिले की भगवंतनगर विधानसभा में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हजारों की संख्या में महिलाएं सड़कों पर पैदल चलती नजर आईं। बड़ी संख्या में महिलाओं के जुटने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे तो माजरा कुछ और ही निकला।
दरअसल, इलाके के समाजसेवी सीएस पुष्पेंद्र सिंह की ओर से उनके पुष्प फाउंडेशन के बैनर तले रक्षाबंधन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं से राखी बंधवाने की तैयारी थी। इसके लिए विधानसभा के अलग-अलग इलाकों से महिलाओं को बसों के जरिए कार्यक्रम स्थल तक लाने की व्यवस्था की गई थी।
5 हजार की अनुमति, उमड़ी बेतहाशा भीड़
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम को लेकर फाउंडेशन की ओर से जिला प्रशासन से करीब 5 हजार लोगों के जुटने की अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम स्थल पर पंडाल भी लगाया गया था।
लेकिन कार्यक्रम शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद हालात बदल गए। बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गईं। प्रशासन के मुताबिक, मौके पर अनुमति से कहीं अधिक भीड़ जुट गई। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल होने लगा।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पंडाल में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और भीड़ को धीरे-धीरे वापस भेजना शुरू कराया। अत्यधिक भीड़ और संभावित अव्यवस्था को देखते हुए महिलाओं को बिना रक्षाबंधन महोत्सव में शामिल हुए ही वापस लौटना पड़ा। प्रशासन की ओर से महिलाओं को पंडाल से बाहर निकालकर घर जाने के लिए कहा गया।
सीएस पुष्पेंद्र सिंह मंच से रोते हुए नजर आए
इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सीएस पुष्पेंद्र सिंह भावुक हो गए और मंच पर रोते नजर आए। वह कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं से अपने टोकन संभालकर रखने की अपील करते दिखाई दिए। महिलाओं से राखी न बंधवा पाने का दर्द उनकी आंखों में साफ नजर आया।
हर साल होता है रक्षाबंधन महोत्सव
बताया गया कि पुष्प फाउंडेशन की ओर से हर साल रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचती हैं और राखी बांधती हैं। इसके बदले फाउंडेशन की ओर से महिलाओं को साड़ी भी दी जाती है। इस बार भी कार्यक्रम को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थीं। लेकिन अपेक्षा से कहीं ज्यादा भीड़ पहुंचने के कारण प्रशासन को कार्यक्रम रोकना पड़ा।
भगदड़ की आशंका के चलते प्रशासन ने संभाला मोर्चा
मौके पर भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने खुद मोर्चा संभाला। अधिकारियों को आशंका थी कि अगर इतनी बड़ी भीड़ एक साथ पंडाल में मौजूद रही तो किसी तरह की अनहोनी या भगदड़ हो सकती है। इसी वजह से महिलाओं को कार्यक्रम स्थल से वापस भेजा गया। बताया जा रहा है कि मौके पर करीब एक लाख तक की भीड़ जुटने की बात सामने आई, हालांकि भीड़ की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नवीन सिंह की रिपोर्ट
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